29/05/2024

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ढाई किलो का हाथ फिल्म

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ढाई किलो का हाथ फिल्म जो है बाप बेटे के रिश्ते को दर्शाती है जहां एक उम्र के मोड़ पर आने के बाद में बेटे को बाप का सुझाव उसके करियर में रोक-टोक लगने लगता है। हमारे इस फिल्म में भी एक अंधा बाप अपने बेटे के सर पर हाथ रख कर भीख मांगता है पिता का ढाई किलो का हाथ उसे बोझ लगने लगता है लेकिन एक हादसे में पिता की मौत के बाद उसे एहसास होता है कि पिता का हाथ सर पर होना कितना जरूरी है। जिंदगी का अनुभव ही जिंदगी को बेहतर बनाने में काम आता है। इस फिल्म के जरिए यही कहने की कोशिश है कि पिता के होते ही उसकी अहमियत को समझो एक बार सर से हाथ उठ गया तो गया तो सब कुछ बेबुनियाद ही लगेगा। फिर चाह कर भी पिता का हाथ सर पर नहीं आ सके।\